19 जून । अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरानी पोर्ट और तटीय इलाकों में आने-जाने वाले सभी समुद्री ट्रैफिक पर लगी रोक हटा दी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “अमेरिकी सेना ईरानी पोर्ट्स से आने-जाने वाले जहाजों की आवाजाही में रुकावट नहीं डाल रही है। अमेरिकी सेना की नाकाबंदी लागू करने की सभी कोशिशें रोक दी गई हैं।”
कमांड ने बताया कि अमेरिकी वॉरशिप फिलहाल सामान्य क्षेत्र में ही रहेंगे, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि समझौते की सभी बातों का पालन हो और वे पूरी तरह से लागू हों। यह कदम अमेरिका के ईरान के साथ हुए समझौते के एक दिन बाद आया है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को ईरान के साथ एक नए समझौते की विस्तृत जानकारी बताई। उन्होंने कहा कि यह तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकेगा, होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलेगा और पूरे मिडिल ईस्ट में एक बड़े डिप्लोमैटिक रीसेट का मौका देगा।
फ्रांस में जी7 समिट के खत्म होने पर ट्रंप ने कहा कि यह समझौता मौजूदा लड़ाई को खत्म करेगा और एक बड़े समझौते की तरफ बातचीत शुरू करेगा। साथ ही अगर ईरान बात नहीं मानता है तो फिर से सैन्य कार्रवाई का विकल्प भी रहेगा। ट्रंप ने कहा, “रविवार को हम ईरान के साथ एक समझौते पर पहुंचे, जिससे वह सब कुछ हासिल हो गया है जिसे हमने हासिल करने का लक्ष्य रखा था। मौजूदा संघर्ष को खत्म करना, होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना और ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना।”
अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों ने 14 प्वाइंट्स वाले ज्ञापन समझौते की विस्तृत जानकारी साझा की, जिसमें ईरान से परमाणु हथियार न खरीदने या विकसित न करने का वादा किया गया है। इसके अलावा होर्मुज स्ट्रेट से कमर्शियल शिपिंग फिर से शुरू करने और फाइनल एग्रीमेंट पर बातचीत के लिए 60 दिन का समय तय करने का वादा किया गया है। ज्ञापन समझौते में प्रतिबंध में राहत को ईरान के नियमों के पालन से भी जोड़ा गया है और तेहरान के संवर्धित न्यूक्लियर मटीरियल पर अंतरराष्ट्रीय निगरानी का भी प्रावधान है।
