रायपुर। दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरे छत्तीसगढ़ में पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में आज और कल भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है। पिछले 24 घंटों के दौरान सरगुजा और बस्तर संभाग के एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई।
राजधानी रायपुर में बुधवार सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए रहे। दोपहर तक उमस ने लोगों को परेशान किया, लेकिन बाद में हुई हल्की बूंदाबांदी से मौसम सुहावना हो गया। गुरुवार को भी शहर में इसी तरह का मौसम बना हुआ है और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, औसत समुद्र तल पर पंजाब से लेकर उत्तर बंगाल की खाड़ी तक एक मौसमी द्रोणिका (ट्रफ) बनी हुई है। वहीं, उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे लगे दक्षिणी बांग्लादेश के ऊपर 1.5 से 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है, जो ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर झुक रहा है।
इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से 3 जुलाई 2026 के आसपास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे क्षेत्रों में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके अलावा उत्तर छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में भी समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर ऊपर ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है, जिसके कारण प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। विशेष रूप से नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, पिछले 24 घंटों में प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान बलरामपुर-रामानुजगंज में 34.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा बिलासपुर में 34.0, जशपुर में 33.5, अंबिकापुर में 33.1, कोरबा में 32.9, दुर्ग में 30.6 और जगदलपुर में 28.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
