काठमांडू, 01 अगस्त । सुनसरी के देवानगंज और कप्तानगंज की घटनाओं के बाद तनावग्रस्त बने मधेश और पूर्वी तराई के जिलों में प्रशासन ने कर्फ्यू में ढील देना शुरू कर दिया है।
शनिवार को सुनसरी की 10 स्थानीय इकाइयों तथा धनुषा के जनकपुर क्षेत्र से कर्फ्यू हटा दिया गया और वहां निषेधाज्ञा लागू कर दी गई। वहीं सिरहा के लहान में भी कर्फ्यू समाप्त कर दिया गया है, जबकि गोलबजार में कर्फ्यू यथावत रखा गया है।
सुनसरी जिला प्रशासन ने शनिवार सुबह 8:30 बजे से इटहरी, रामधुनी, इनरुवा, दुहबी, भोक्राहा नरसिंह, कोशी, गढ़ी, देवानगंज, हरिनगर और बरजू के निर्धारित क्षेत्रों से कर्फ्यू हटाते हुए शाम 5 बजे तक निषेधाज्ञा लागू की है। देवानगंज में 28 जुलाई को हुई हिंसक घटना के बाद इन क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाया गया था।
मुख्य जिला अधिकारी ईश्वरीप्रसाद अर्याल के अनुसार, सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के बाद कर्फ्यू हटाया गया है। हालांकि किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, सभा, जुलूस, प्रदर्शन, बैठक और धरना आयोजित करने पर प्रतिबंध लगाया गया है।
धनुषा के जनकपुरधाम क्षेत्र में भी शनिवार सुबह 10 बजे से कर्फ्यू हटा लिया गया। मुख्य जिला अधिकारी प्रेमप्रसाद लुइंटेल ने बताया कि लक्ष्मीनिया, नगराइन, बेलौनी रोड, सिनुरजोडा, सोहनी, मणिमंडप, इस्कॉन जनकपुर और दूधमती पुल सहित विभिन्न क्षेत्रों में अगले आदेश तक पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, सभा, जुलूस और प्रदर्शन करने पर रोक रहेगी।
उधर, सिरहा के लहान क्षेत्र में भी शनिवार सुबह 10 बजे से कर्फ्यू समाप्त कर दिया गया है। मुख्य जिला अधिकारी सुरेन्द्र पौडेल के अनुसार, ताजा सुरक्षा स्थिति के विश्लेषण के बाद यह निर्णय लिया गया। हालांकि गोलबजार में हालात सामान्य होने के बावजूद फिलहाल कर्फ्यू जारी रखा गया है। प्रशासन ने बताया कि वहां की स्थिति की समीक्षा के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।
सुनसरी के कप्तानगंज की घटना के बाद पूर्वी तराई के कई जिलों में विरोध प्रदर्शन और तनाव बढ़ने पर प्रशासन ने कर्फ्यू और निषेधाज्ञा लागू की थी। अब प्रशासन का कहना है कि स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। साथ ही आम जनता से शांति, कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए निषेधाज्ञा का पालन करने की अपील की गई है।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रचलित कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
