नई दिल्ली, 12 अगस्त । पावर डिस्ट्रिब्यूशन इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी जीवी इलेक्ट्रिकल्स के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में अपने कारोबार की मजबूत शुरुआत की। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 130 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 21.54 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 158 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग के बाद मुनाफा वसूली के दबाव में ये शेयर कुछ देर के लिए गिर कर 154 रुपये तक आए, लेकिन इसके बाद खरीदारों ने लिवाली शुरू कर दी। लगातार हुई लिवाली के कारण दिन के पहले सत्र में ही ये शेयर उछल कर 165.90 रुपये के अपर सर्किट लेवल तक पहुंच गए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में ही कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 35.90 रुपये यानी 27.62 प्रतिशत का फायदा हो गया।
जीवी इलेक्ट्रिकल्स का 42 करोड़ रुपये का आईपीओ 31 जुलाई से सात अगस्त के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से जोरदार रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 169.26 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 91.55 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 272.79 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 168.69 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 32.50 लाख शेयर जारी किए गए हैं। इसमें 39 करोड़ रुपये के 30 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं, जबकि तीन करोड़ रुपये के 2.50 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयर के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी पुराने कर्ज को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
जीवी इलेक्ट्रिकल्स की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 2.80 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 4.66 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्थ लाभ उछल कर 10.47 करोड़ रुपये हो गया।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 112.03 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 131.36 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2025-26 में उछल कर 156.66 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इस अवधि में कंपनी के कर्ज में भी लगातार वृद्धि हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 4.95 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 7.84 करोड़ रुपये और 2025-26 में 16.47 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 17.01 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 23.16 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस उछल कर 25.39 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 6.14 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 8.04 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 17.05 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
