TEHRAN, IRAN - SEPTEMBER 16: Iranian President Masoud Pezeshkian attends his first press conference, after taking office. on September 16, 2024 in Tehran, Iran. This marks the president's first major interaction with the press since taking office on July 28, 2024. (Photo by Majid Saeedi/Getty Images)
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि अब युद्ध को समाप्त करना बेहतर है क्योंकि ईरान मजबूत और सम्मान की स्थिति में है। ईरानी राष्ट्रपति की तरफ से ये बयान हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों की डेडलाइन पूरी होने के बाद सामने आया है। वहीं, दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ सख्ती से प्रतिबंधों को लागू करने की बात कर रहे हैं।
राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने शुक्रवार को राजधानी तेहरान में ईरानी मेडिकल सोसाइटी के इस्लामिक एसोसिएशन की 31वीं महासभा में ताजा बयान दिया है। उनके कार्यालय की वेबसाइट पर प्रकाशित एक बयान के अनुसार, ईरानी राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ युद्ध किसी न किसी मोड़ पर खत्म होना ही चाहिए।
उन्होंने कहा, “बेहतर है कि हम आज ही युद्ध समाप्त कर दें जब हम शक्ति और सम्मान की स्थिति में हैं और पूरी दुनिया हमारी जीत को स्वीकार कर रही है और इस बात पर जोर दे रही है कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने सभी (अंतरराष्ट्रीय) नियमों का उल्लंघन करते हुए हमारे स्कूलों, अस्पतालों और बुनियादी ढांचे पर हमला किया। दुनिया इस वजह से अमेरिका की काफी आलोचना कर रही है।”
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, पेजेश्कियन ने जून में ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच हस्ताक्षरित ज्ञापन समझौते को सम्मानजनक और मूल्यवान बताया और इस बात पर जोर दिया कि समझौते का एक भी प्रावधान आत्मसमर्पण का सुझाव नहीं देता है और सभी दायित्व दूसरे पक्ष पर हैं।
उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत के दौरान जो हासिल किया गया वह एक बड़ी उपलब्धि थी, जिसे ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में एकता और एकजुटता के साथ मंजूरी दी गई थी और परिषद के सभी सदस्यों ने इसका निर्णायक रूप से बचाव किया।
हालांकि, राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि अगर फिर से हमला किया गया तो ईरान आत्मसमर्पण नहीं करेगा। उन्होंने कहा, “हम किसी भी परिस्थिति में हमलों के सामने नहीं झुकेंगे और इसमें कोई संदेह नहीं है। हम आखिरी सांस तक उनके खिलाफ खड़े रहेंगे और उन्हें करारा जवाब देंगे। ईरान के सैन्य कमांडर और सशस्त्र बल पूरे दिल और निस्वार्थ भाव से देश की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं।”
