जयपुर, 02 सितंबर । राजस्थान में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों और अन्य घुसपैठियों की पहचान के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत अजमेर जिला पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने बुधवार को 25वीं कार्रवाई करते हुए दो संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा। इनमें एक महिला और एक पुरुष शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, दोनों पति-पत्नी हैं और प्रारंभिक पूछताछ में उन्होंने खुद को बांग्लादेशी नागरिक बताया है। इस अभियान के तहत अजमेर जिले में अब तक कुल 59 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा जा चुका है।
पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि कार्रवाई जिला पुलिस और सीआईडी जोन अजमेर की संयुक्त टीम ने की। टीम ने मुखबिर तंत्र, तकनीकी साधनों और उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर अजमेर के विभिन्न इलाकों में संदिग्ध लोगों की तलाश की।
इसी क्रम में टीम को दरगाह क्षेत्र में दो संदिग्ध लोगों के मौजूद होने की सूचना मिली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों को पकड़ा। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम हलीमा खातून और रबीउल इस्लाम बताए। पुलिस के अनुसार, दोनों ने खुद को बांग्लादेशी नागरिक बताया है।
प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस के सामने आया कि दोनों कथित तौर पर पश्चिम बंगाल सीमा के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए थे। इसके बाद वे कुछ समय असम और कोलकाता में रहे और बाद में ट्रेन से अजमेर पहुंचे।
पुलिस के मुताबिक, दोनों अजमेर में खानाबदोश के रूप में जीवनयापन कर रहे थे। उनके पास भारत में प्रवेश और यहां रहने से संबंधित वैध दस्तावेज हैं या नहीं, इसकी जांच की जा रही है।
पुलिस दोनों से पूछताछ कर उनके भारत आने के कारण, सीमा पार करने के तरीके, पूर्व में उनके ठहरने के स्थानों और अजमेर में गतिविधियों से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही पुलिस उनके बताए गए विवरणों और पहचान संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन भी कर रही है।
अवैध रूप से भारत में रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान को लेकर अजमेर जिला पुलिस की ओर से चलाया जा रहा यह अभियान लगातार जारी है। बुधवार की कार्रवाई इस अभियान के तहत 25वीं कार्रवाई बताई गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अभियान के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान और उनके दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
