नई दिल्ली, 21 सितंबर। बच्चों के लिए एआई और रोबोटिक्स बेस्ड इनोवेटिव लर्निंग और एजुकेशन टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन देने वाली कंपनी रोबोकिड्ज एडुवेंचर्स लिमिटेड का 31.09 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 23 सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 24 सितंबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 25 सितंबर को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 28 सितंबर को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। लॉन्चिंग के बाद पहले घंटे में ही यह आईपीओ फुली सब्सक्राइब हो गया। पहले दिन के अंत तक यह आईपीओ 9.29 गुना सब्सक्राइब हो चुका था।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 100 रुपये से लेकर 106 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 1,200 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 2,400 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,54,400 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 29,32,800 नए शेयर जारी हो रहे हैं।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 47.09 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 33.15 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 14.24 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए 5.52 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए जीवाईआर कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि मां शीतला सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। बीएन राठी सिक्योरिटीज लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।
रोबोकिड्ज एडुवेंचर्स लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 2.42 रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 4.98 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 10.06 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 38.31 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 59.16 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 93.72 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 14.29 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 15.34 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ लगभग दोगुना होकर 29.80 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 4.38 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 10.61 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 20.67 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 3.88 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस जबरदस्त उछाल के साथ 8.86 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 18.02 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 4.89 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 9 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 16.66 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
