आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जरूरी भारी निवेश को सपोर्ट करने के लिए ग्लोबल AI बूम को 2031 तक सालाना लगभग 6 ट्रिलियन डॉलर का रेवेन्यू कमाना होगा। यह बात बेन एंड कंपनी की एक नई रिपोर्ट में सामने आई है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि AI इंडस्ट्री के लिए मुख्य चुनौती अब सिर्फ ज्यादा पावरफुल सिस्टम बनाना नहीं है, बल्कि यह पक्का करना है कि AI से बनने वाली इकोनॉमिक वैल्यू इतनी ज्यादा हो कि कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में लगाए जा रहे कैपिटल को सही ठहराया जा सके। रिपोर्ट के अनुसार, “AI की कभी न खत्म होने वाली कंप्यूट डिमांड को पूरा करने के लिए 2031 तक सालाना 6 ट्रिलियन डॉलर के रेवेन्यू की जरूरत होगी, और ज्यादातर वैल्यू नए इनोवेशन में है – जो कर्मचारियों की प्रोडक्टिविटी से कहीं ज्यादा है।”
मौजूदा एप्लीकेशन से 1.2 से 1.8 ट्रिलियन डॉलर तक का रेवेन्यू
रिपोर्ट में बताया गया है कि मौजूदा AI एप्लीकेशन सालाना 1.2 ट्रिलियन डॉलर से 1.8 ट्रिलियन डॉलर के बीच रेवेन्यू पैदा कर सकते हैं। इनमें सब्सक्रिप्शन और एडवरटाइजिंग के जरिए कंज्यूमर AI के साथ-साथ सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, सेल्स, मार्केटिंग, कस्टमर सर्विस और आईटी ऑपरेशंस में एंटरप्राइज एप्लीकेशन शामिल हैं। इससे लगभग 4.2 ट्रिलियन डॉलर का अतिरिक्त रेवेन्यू बचता है, जो नए AI-आधारित प्रोडक्ट्स, सर्विसेज और मार्केट्स से आना चाहिए।
चार बड़े क्षेत्र जो नया रेवेन्यू ला सकते हैं
रिपोर्ट में चार ऐसे बड़े क्षेत्रों की पहचान की गई है जो इस नए रेवेन्यू में योगदान दे सकते हैं:
– सर्च की जगह AI: सर्च इंजन की जगह AI मॉडल का इस्तेमाल और AI-आधारित अनुभवों में एडवरटाइजिंग को शामिल करना।
– ऑटोनॉमस एवरीथिंग: ऑटोनॉमस गाड़ियां, ट्रक, ड्रोन और दूसरे तरह के इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन।
– फिजिकल AI: सिमुलेशन, डिजिटल ट्विन्स और रोबोटिक्स, जिनका इस्तेमाल रिसर्च एंड डेवलपमेंट तथा मैन्युफैक्चरिंग में किया जा सकता है।
– बिल्कुल नए प्रोडक्ट्स और इस्तेमाल: ऐसे उत्पाद और उपयोग जो आज मौजूद नहीं हैं, जिससे ड्रग डिस्कवरी, मेंटल हेल्थ और एनर्जी जेनरेशन जैसे क्षेत्रों में नए मार्केट खुल सकते हैं।
हार्डवेयर और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री को मिला नया जीवन
रिपोर्ट में कहा गया है कि AI कंप्यूटिंग की भारी मांग ने हार्डवेयर और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री को फिर से जिंदा कर दिया है। हार्डवेयर और सेमीकंडक्टर कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन 2020 और 2026 के बीच 24 प्रतिशत की कंपाउंड एनुअल रेट से बढ़ा, जबकि सॉफ्टवेयर के लिए यह दर सिर्फ 6 प्रतिशत रही। कंप्यूटिंग क्षमता के लिए AI की वजह से बढ़ी मांग से हाई-बैंडविड्थ मेमोरी, एडवांस्ड पैकेजिंग और कस्टम सिलिकॉन जैसे क्षेत्रों को फायदा हो रहा है।
सप्लाई चेन जोखिम और बिजनेस वैल्यू की चुनौती
हालांकि, AI के विस्तार से सप्लाई से जुड़े जोखिम भी पैदा हो रहे हैं। बड़ी कंपनियों का ध्यान हाई-बैंडविड्थ मेमोरी क्षमता पर होने से DDR और NAND जैसे अन्य मेमोरी उत्पादों में निवेश कम हो सकता है। इससे कमी और गंभीर हो सकती है और स्मार्टफोन व पीसी की कीमतें बढ़ सकती हैं। रिपोर्ट में कंपनियों के लिए एक और चुनौती का भी जिक्र किया गया है—AI निवेश को असल बिजनेस वैल्यू में बदलना। कंपनियां जिस तेजी से AI को अपनाती और लागू करती हैं, वह एक नया कॉम्पिटिटिव फैक्टर बनता जा रहा है। प्रमुख लैब्स बिजनेस को इस टेक्नोलॉजी को तेजी से अपनाने में मदद करने के लिए फॉरवर्ड-डिप्लॉयड इंजीनियरिंग मॉडल में 9.75 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक का निवेश कर रही हैं।
