भारत ने कहा है कि पाकिस्तान द्वारा सीमापार आतंकवाद को सक्रिय रूप से बढ़ावा देना और प्रायोजित करना क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी बाधा है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कल शाम नई दिल्ली में मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि दुनिया को साफ पता है कि असली मुद्दा पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देना और प्रायोजित करना है। उन्होंने कहा कि वास्तव में यह क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी बाधा है। कट्टरपंथी उपदेशक और भगोड़े जाकिर नाइक की पाकिस्तान में मौजूदगी और वहां के शीर्ष नेताओं से उसकी मुलाकात के मुद्दे पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि यह पहली बार नहीं है कि पाकिस्तान में उसके साथ ऐसा व्यवहार किया गया हो।
श्री जायसवाल ने कहा कि इससे पता चलता है कि उनके मेजबानों का दृष्टिकोण कैसा है और भारत में वांछित एक व्यक्ति को इतना समर्थन देने के मामले में इसका क्या मतलब है। जाकिर नाइक, जो कथित तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने और नफरत भरे भाषणों के माध्यम से चरमपंथ को भड़काने के लिए भारत में वांछित है, पिछले महीने पाकिस्तान पहुंचा था।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गब्बार्ड के साथ बैठक के बारे में श्री जायसवाल ने कहा कि दोनों नेताओं ने सुरक्षा और रक्षा सहयोग पर चर्चा की।
प्रवक्ता ने कहा कि सुश्री गबार्ड ने विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि सुश्री गबार्ड की भारत में अपने वार्ताकारों के साथ बैठक के दौरान, नई दिल्ली ने वाशिंगटन में भारत विरोधी तत्वों और अलगाववादी तत्वों की भारत विरोधी गतिविधियों के बारे में अपनी चिंताओं से अवगत कराया।
यूक्रेन-रूस संघर्ष पर श्री जायसवाल ने कहा कि भारत ने हमेशा दोनों पक्षों और अन्य प्रमुख हितधारकों के बीच वार्ता और कूटनीति के माध्यम से गंभीर और व्यावहारिक भागीदारी की वकालत की है ताकि संघर्ष का स्थायी समाधान निकाला जा सके।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि दोनों पक्षों के साथ-साथ अन्य हितधारकों के साथ भारत की बातचीत इस व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप रही है। भारत-यूरोपीय संघ सहयोग पर एक प्रश्न का उत्तर देते हुए, श्री जायसवाल ने कहा कि यूरोपीय संघ के अध्यक्ष ने पिछले महीने भारत का दौरा किया था। उन्होंने कहा कि भारत के लिए रक्षा यूरोपीय संघ के साथ सहयोग का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है और यह साझेदारी बढ़ रही है।
प्रवक्ता ने कहा कि भारत अपने रक्षा निर्यात को बढ़ावा देना चाहता है और आशा करता है कि वह यूरोपीय संघ तथा यूरोप के अन्य देशों के साथ इस संबंध में और अधिक काम कर सकेगा।
