नई दिल्ली। दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने गुरुवार को राजधानी के प्रमुख नालों का संयुक्त निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य दिल्ली के प्रमुख नालों की वर्तमान स्थिति का मूल्यांकन करना, जलभराव के कारणों की पहचान करना और मानसून से पहले नालों की सफाई और मरम्मत कार्यों को सुनिश्चित करना रहा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बताया कि यमुना की सफाई को लेकर सरकार ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। मानसून पूर्व तैयारियों के तहत आज दिल्ली के प्रमुख नालों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि यमुना में गिरने वाले सभी 22 बड़े नालों की डिसिल्टिंग का कार्य अत्याधुनिक मशीनों द्वारा तीव्र गति से किया जा रहा है। इसके साथ ही, यमुना सफाई अभियान के अंतर्गत हर 15 दिन में इन नालों का नियमित निरीक्षण भी किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान एमसीडी, पीडब्ल्यूडी, एनडीएमसी, परिवहन विभाग, दिल्ली जल बोर्ड, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग सहित सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
निरीक्षण के बाद उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने बताया कि दिल्ली में जलभराव की समस्या केवल बारिश के मौसम तक ही सीमित नहीं रह गई है, यह शहर की बुनियादी संरचना और जनजीवन को प्रभावित करने वाला एक गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि आज विभिन्न विभागों के साथ राजधानी के नालों के संयुक्त निरीक्षण का उद्देश्य केवल समस्याओं की पहचान करना नहीं है, बल्कि समयबद्ध, समन्वित और स्थायी समाधान सुनिश्चित करना भी है। आज सभी सम्बंधित विभागों के अधिकारियो को नालों की मरम्मत और साफ-सफाई के लिए आपसी सहयोग और पारदर्शिता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रेस को सम्बोधित करते हुए बताया कि दिल्ली सरकार के द्वारा यमुना की सफाई को लेकर गंभीर और ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। आज हमने दिल्ली के कई बड़े नालों का निरीक्षण किया। इनमें वजीराबाद का सप्लीमेंट्री ड्रेन, बारापुला ड्रेन, सुनेहरी पुल ड्रेन, कुशक ड्रेन, नजफगढ़ ड्रेन जैसे प्रमुख नालों का निरीक्षण किया गया। ये सभी वे बड़े नाले हैं जो सीधे यमुना नदी में गिरते हैं और दशकों से उपेक्षित रहे हैं। इसी के तहत दिल्ली के 22 बड़े नालों की डी-सिल्टिंग का कार्य दिल्ली सरकार द्वारा पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ किया जा रहा है। यह कार्य केवल एक तकनीकी प्रक्रिया नहीं, बल्कि यमुना की सफाई और उसके पारिस्थितिक संतुलन को बहाल करने का भी एक व्यापक प्रयास है। हर 15 दिन में इन नालों का निरीक्षण किया जा रहा है। पिछले निरीक्षण की तुलना में आज जो प्रगति दिखी, वह वास्तव में सराहनीय है।
विपिन गार्डन उत्तम नगर में 50 एकड़ भूमि पर बनाया जाएगा पार्क : सीएम रेखा गुप्ता
दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना, सीएम रेखा गुप्ता और कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने गुरुवार को उत्तम नगर में वर्षों से उपेक्षित पड़ी बाढ़ एवं सिंचाई विभाग की लगभग 50 एकड़ भूमि का जायजा लिया। इस अवसर पर सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि वर्षों से उपेक्षित पड़ी इस जमीन पर लगातार अतिक्रमण हो रहा था। आज सरकार ने इस पूरी 50 एकड़ भूमि को एक सुंदर पार्क में परिवर्तित करने का निर्णय लिया है। यह पार्क स्थानीय निवासियों के उपयोग के लिए होगा और क्षेत्र की हरियाली व स्वच्छता को बढ़ावा देगा। साथ ही यहां से गुजरने वाली साहिबी नदी को भी इस योजना से जोड़ते हुए एक विस्तृत रिवर फ्रंट का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। सरकार इस भूमि के विकास कार्य को शीघ्र ही प्रारंभ करेगी।
