नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को डीडीए ग्राउंड आउटर रिंग रोड बुराड़ी से दिल्ली जल बोर्ड के 1,111 जीपीएस से युक्त जल टैंकरों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर दिल्ली के कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, मनजिंदर सिंह सिरसा, रविंद्र इन्द्रराज सिंह, कपिल मिश्रा, सांसद मनोज तिवारी, बांसुरी स्वराज, कमलजीत सेहरावत योगेंद्र चंदौलिया, प्रवीण खंडेलवाल और विधायकों समेत दिल्ली जल बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि इस पहल का उद्देश्य दिल्ली की जल आपूर्ति व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुव्यवस्थित और जवाबदेह बनाना है। यह कदम विशेष रूप से उन क्षेत्रों को ध्यान में रखकर उठाया गया है, जहां पाइपलाइन से जलापूर्ति नहीं हो पाती है। उन्होंने कहा कि अब दिल्ली में आधुनिक जीपीएस ट्रैकिंग से टैंकर माफिया पर सख्त लगाम लगेगी। इन टैंकरों की 24×7 निगरानी सीधे तौर पर सेंद्रल कंट्रोल रूम से की जाएगी। इसके साथ ही दिल्ली जल बोर्ड ऐप के माध्यम से नागरिक न केवल जल टैंकरों की ट्रैकिंग कर सकेंगे, बल्कि अपनी शिकायतें दर्ज कर उनके समाधान की प्रक्रिया भी देख सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने इस तकनीकी पहल को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि दिल्ली सरकार नई सोच और तकनीक के साथ राजधानी को डिजिटल दिल्ली बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि ‘विकसित दिल्ली बजट’ के तहत जल एवं स्वच्छता क्षेत्र के लिए 9,000 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट आवंटित किया गया है, जिससे दिल्ली के हर घर तक शुद्ध, सुरक्षित और निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली सरकार का संकल्प है कि राजधानी में हर नागरिक को स्वच्छ और पर्याप्त जल मिल सके। दिल्ली सरकार राजधानी में पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार, लीकेज नियंत्रण, और आधुनिक जल प्रबंधन तकनीकों के माध्यम से एक मजबूत और पारदर्शी जल आपूर्ति प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। हमारा लक्ष्य दिल्ली के हर घर, हर गली, हर मोहल्ले तक निर्बाध जल पहुंचने का है।
उन्होंने कहा कि आज का दिन दिल्लीवासियों के लिए एक ऐतिहासिक और गर्व का क्षण है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हर घर जल पहुंचाने की योजना को साकार करने की दिशा में दिल्ली सरकार पूरी ताकत के साथ काम कर रही है। आज हम केवल जल टैंकर सेवा की शुरुआत नहीं कर रहे, बल्कि एक नई सोच, नई प्रणाली और पूर्ण पारदर्शिता पर आधारित एक नई व्यवस्था की नींव रख रहे हैं। ये सभी जल टैंकर अत्याधुनिक जीपीएस तकनीक से सुसज्जित हैं, जिन्हें झंडेवालान स्थित सेंद्रल कंट्रोल रूम से चौबीसों घंटे रीयल-टाइम में ट्रैक किया जा सकेगा। टैंकर किस क्षेत्र में गया, कब पहुंचा और कहां पानी वितरित हुआ, इन सभी जानकारियों की निगरानी अब तुरंत संभव होगी।
साथ ही दिल्ली जल बोर्ड की मोबाइल ऐप के माध्यम से एक ऐसा सिस्टम तैयार किया गया है जहाँ नागरिक न केवल अपनी शिकायतें दर्ज कर सकते हैं, बल्कि उसकी ट्रैकिंग और समाधान की पूरी प्रक्रिया भी स्वयं देख सकेंगे। यह व्यवस्था न केवल टैंकर माफिया पर सख्ती से नियंत्रण स्थापित करेगी, बल्कि आम नागरिकों के जल संबंधी अधिकारों की सुरक्षा में भी एक मजबूत कदम साबित होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक की मदद से पारदर्शिता का यह नया अध्याय “डिजिटल इंडिया” और “डिजिटल दिल्ली” की दिशा में बड़ा कदम है। हम इस तरह की तकनीकी दक्षता का उपयोग अब दिल्ली सरकार के हर विभाग में लागू करने की दिशा में अग्रसर हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार पूरी एकजुटता के साथ दिल्ली की जनता की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर काम कर रही है- चाहे वह वायु प्रदूषण हो, यमुना की सफाई, सड़कों की मरम्मत, शिक्षा या स्वास्थ्य की स्थिति हर क्षेत्र में हमारा ध्यान केंद्रित है।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जल जैसी बुनियादी सुविधा पर कोई भ्रष्टाचार या स्वार्थ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने ‘विकसित दिल्ली बजट’ के तहत जल एवं स्वच्छता क्षेत्र में किए गए बजटीय प्रावधानों और योजनाओं की जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस बार जल एवं स्वच्छता क्षेत्र के लिए 9,000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। दिल्ली की लगभग 3 करोड़ आबादी को शुद्ध, सुरक्षित और निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। जल की बर्बादी को रोकने और आपूर्ति प्रणाली की दक्षता बढ़ाने के लिए हरियाणा से आने वाली खुली नहरों की जगह पाइपलाइनों का निर्माण किया जाएगा, जिस पर 200 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। वहीं, जल संकट से निपटने के लिए 100 करोड़ की लागत से नए बोरवेल्स और रेनी वेल्स लगाए जाएंगे। साथ ही दिल्ली की जल संरचनाओं के पुनरुद्धार के लिए 50 करोड़ रुपये की राशि भी निर्धारित की गई है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जनता से अपील करते हुए कहा कि सरकार का मिशन है कि दिल्ली का हर नागरिक इस व्यवस्था का हिस्सा बने। जल की बचत करें, शिकायत दर्ज करने से न डरें और यह समझें कि पानी की हर बूंद अमूल्य है। मुख्यमंत्री ने अपने सभी मंत्रियों, सांसदों, जनप्रतिनिधियों, दिल्ली जल बोर्ड के सभी अधिकारियों को इस योजना को रिकॉर्ड समय में सफलतापूर्वक लागू करने के लिए बधाई दी।
