इजराइल में भारत के राजदूत जेपी सिंह ने कहा है कि अब समय आ गया है कि इस्लामाबाद पाकिस्तान स्थित वैश्विक इस्लामी आतंकवादी संगठनों लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के प्रमुखों को भारत को सौंप दे। इजराइल के टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में श्री सिंह ने इस बात पर प्रकाश डाला कि ये पाकिस्तानी संगठन भारत पर असंख्य आतंकवादी हमलों में शामिल रहे हैं, जिनमें जम्मू-कश्मीर के 22 अप्रैल के पहलगाम हमले भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि मूल कारण ये दो समूह हैं, जैश-ए-मोहम्मद और उसका नेता मसूद अजहर, और लश्कर-ए-तैयबा और उसका नेता हाफिज सईद। श्री सिंह ने यह भी कहा कि पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में 7 मई को भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा शुरू किया गया ऑपरेशन सिंदूर रोक दिया गया है, खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) को निलंबित करने के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में, श्री सिंह ने कहा कि इस संधि पर सद्भावना और मित्रता की भावना से हस्ताक्षर किए गए थे। ऑपरेशन सिंदूर के बारे में बोलते हुए, श्री सिंह ने कहा कि भारतीय सेना ने कई आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया और 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत की जवाबी कार्रवाई के बाद ही पाकिस्तान घबरा गया और उसने भारत से संपर्क किया, और परिणामस्वरूप, दोनों पक्षों ने 10 मई को युद्ध विराम किया।
