प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली में उभरते पूर्वोत्तर निवेशक सम्मेलन का उद्घाटन किया। दो दिवसीय सम्मेलन का उद्देश्य पूर्वोत्तर क्षेत्र को अवसरों की भूमि के रूप में उजागर करना और वैश्विक तथा घरेलू निवेश आकर्षित करना है। इस अवसर पर बोलते हुए पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि सरकार ने उत्तर-पूर्व क्षेत्र में बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया है। उन्होंने कहा कि आज इस क्षेत्र में 17 हवाई अड्डे हैं, जिनमें 2000 से अधिक उड़ानें हैं। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि बदलाव की बयार पूर्वोत्तर क्षेत्र में बह रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तर-पूर्व क्षेत्र दक्षिण पूर्व एशिया का अंतर्राष्ट्रीय गलियारा बन जाएगा। श्री सिंधिया ने निवेशकों और व्यापार जगत के नेताओं से मेक इन इंडिया, मेक इन नॉर्थईस्ट और मेक फॉर द वर्ल्ड का आग्रह किया। उन्होंने उनसे क्षेत्र में पहले कदम उठाने का लाभ उठाने को कहा।
शिखर सम्मेलन में मंत्रिस्तरीय सत्र, व्यवसाय-से-सरकार सत्र, बैठकें, स्टार्टअप और नीति की प्रदर्शनी तथा निवेश प्रोत्साहन के लिए राज्य सरकार और केंद्रीय मंत्रालयों द्वारा की गई संबंधित पहल शामिल होंगी। निवेश प्रोत्साहन के मुख्य फोकस क्षेत्रों में पर्यटन और आतिथ्य, कृषि-खाद्य प्रसंस्करण और संबद्ध क्षेत्र; कपड़ा, हथकरघा और हस्तशिल्प, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और कौशल विकास, सूचना प्रौद्योगिकी और इसकी सक्षम सेवाएँ, बुनियादी ढाँचा और रसद, ऊर्जा और मनोरंजन और खेल शामिल हैं। शिखर सम्मेलन का उद्देश्य प्रमुख हितधारकों, निवेशकों और नीति निर्माताओं को एक मंच पर लाना है।
