उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए हमें स्वदेशी ताकत की जरूरत है और युद्ध को ताकतवर स्थिति में टाला जाना चाहिए। श्री धनखड़ ने कहा कि शांति तभी सुरक्षित रहती है जब आप युद्ध के लिए हमेशा तैयार रहते हैं और ताकत केवल तकनीकी कौशल, पारंपरिक हथियारों की ताकत से ही नहीं बल्कि लोगों से भी आती है। कल नई दिल्ली में राज्यसभा इंटर्नशिप कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में बोलते हुए श्री धनखड़ ने इस बात पर प्रकाश डाला कि ऑपरेशन सिंदूर ने हमारी मानसिकता को बड़े पैमाने पर बदल दिया है। उन्होंने कहा कि हम पहले से कहीं ज्यादा राष्ट्रवादी हैं। उन्होंने कहा कि हाल की घटनाओं को देखते हुए हमारे पास एकजुट रहने और मजबूत होने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि संस्थाओं की तरह ही राजनीतिक समूहों का भी राष्ट्रीय हित के प्रति नैतिक कर्तव्य है।
उन्होंने राजनीतिक स्पेक्ट्रम में सभी से गंभीरता से विचार करने और इस निष्कर्ष पर पहुंचने की अपील की कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर, विकास के मुद्दों पर, आंतरिक सुरक्षा के मुद्दों पर आम सहमति होनी चाहिए।
