नई दिल्ली,। दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित श्यामलाल कॉलेज ने आज अपने 61वें वार्षिक दिवस एवं पुरस्कार वितरण समारोह के माध्यम से संस्थान की षष्टिपूर्ति यात्रा (60 वर्ष पूर्ण होने) का गौरवमयी उत्सव मनाया। यह भव्य कार्यक्रम कॉलेज परिसर में आयोजित हुआ, जिसमें छात्रों, शिक्षकों, पूर्व छात्रों एवं गणमान्य अतिथियों ने भारी संख्या में भाग लिया।
इस अवसर पर दिल्ली सरकार की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित रहीं। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “आज एक नया श्यामलाल कॉलेज हमारे सामने खड़ा है, जो उत्कृष्टता, नवाचार और समर्पण का प्रतीक बन चुका है। यह केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि समाज-निर्माण की एक सशक्त धुरी है।” उन्होंने कॉलेज की समावेशी शिक्षा पद्धति और छात्रों के समग्र विकास के प्रयासों की सराहना की।
उत्तर-पूर्व दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी ने कॉलेज की छह दशकों की विकास यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह संस्थान न केवल शिक्षा प्रदान करता है, बल्कि भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और सामाजिक दायित्व की भावना भी छात्रों में विकसित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से समाज के प्रति उत्तरदायित्व निभाने का आह्वान किया।
दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों के डीन प्रोफेसर बालाराम पाणि ने कॉलेज की निरंतर प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान ने छात्रों को एक उत्साहवर्धक और नवोन्मेषी वातावरण प्रदान किया है। उन्होंने शैक्षणिक गुणवत्ता को बनाए रखने में शिक्षकों की प्रतिबद्धता की प्रशंसा की।
कॉलेज गवर्निंग बॉडी की अध्यक्षा सविता गुप्ता ने समारोह की अध्यक्षता करते हुए कहा कि “श्यामलाल कॉलेज की 60 वर्षों की यात्रा गौरवशाली रही है, और प्राचार्य प्रो. रबी नारायण कर के नेतृत्व में कॉलेज ने शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।” उन्होंने गवर्निंग बॉडी की ओर से संस्थान को भविष्य में पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।
कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर रबी नारायण कर ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए वर्ष भर की प्रमुख उपलब्धियों, शोध गतिविधियों और छात्र उन्नयन के प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि “श्यामलाल कॉलेज की यात्रा केवल अतीत का गौरव नहीं, बल्कि भविष्य के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। हम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के दिशा-निर्देशों के अनुरूप उत्कृष्टता के नए शिखरों को प्राप्त करने के लिए कटिबद्ध हैं।”
समारोह के दौरान शिक्षा, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों एवं अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इसके उपरांत छात्रों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समस्त वातावरण को उल्लासपूर्ण और प्रेरणादायक बना दिया।
