भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) का 70वां स्थापना दिवस समारोह कल नई दिल्ली में संपन्न हुआ। सभा को संबोधित करते हुए, आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने ज़ोर देकर कहा कि बीएमएस केवल एक श्रमिक संघ नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय, औद्योगिक और श्रमिक कल्याण में निहित एक मूल्य-आधारित आंदोलन है। बीएमएस की शुरुआत को याद करते हुए, डॉ. भागवत ने कहा कि मजदूर संघ अब “श्रमिकों की विश्व एकता” के अपने दृष्टिकोण में सिद्ध हो चुका है। उन्होंने श्रम के प्रति सम्मान खोए बिना तकनीकी परिवर्तनों के साथ तालमेल बिठाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया भी इस समारोह में शामिल हुए और उन्होंने ठोस परिणामों के प्रति भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) की प्रतिबद्धता और राष्ट्र निर्माण में उसकी अभिन्न भूमिका की सराहना की। श्री मंडाविया ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार हमारे श्रमिक भाइयों और बहनों के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए ‘श्रमेव जयते’ के मंत्र के साथ अनेक प्रयास कर रही है।
