20 दिसंबर । अमेरिका ने कहा है कि सीरिया में अमेरिकी सेना पर हुए घातक हमले के जवाब में उसकी सेना ने इस्लामिक स्टेट समूह (आईएस) के खिलाफ एक बड़ा हमला किया है। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक का उद्देश्य इस्लामिक स्टेट समूह के लड़ाकों, बुनियादी ढांचे और हथियार स्थलों को नष्ट करना था। लड़ाकू विमानों, हमलावर हेलीकॉप्टरों और तोपखाने ने मध्य सीरिया में कई ठिकानों पर हमला किया। जॉर्डन के विमान भी इसमें शामिल थे
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि वे आईएस के गढ़ों पर कड़ा प्रहार कर रहे हैं। यह बात उन्होंने इस महीने की 13 तारीख को पल्मायरा शहर में हुए इस्लामिक स्टेट के हमले के बाद कही, जिसमें दो अमेरिकी सैनिक और एक अमेरिकी नागरिक दुभाषिया मारे गए थे। उन्होंने समूह को भविष्य में अमेरिकियों पर किसी भी तरह के हमले के खिलाफ चेतावनी दी।
बशर असद को सत्ता से हटाने के बाद से आईएस के खिलाफ अमेरिका और सीरिया के बीच बढ़ते सहयोग के बीच ये हमले हुए हैं। सीरिया ने कहा कि इस हमले से आतंकवाद से लड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता स्पष्ट होती है और उसने आईएस से मुकाबला करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।
