21 जनवरी । इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय नौसेना की 144 सदस्यीय मार्चिंग टुकड़ी कर्तव्य पथ पर कदमताल करेगी। परेड में नौसेना की झांकी के माध्यम से भारत की प्राचीन जहाज निर्माण परंपरा से लेकर आधुनिक स्वदेशी नौसैनिक प्लेटफॉर्म तक की यात्रा को दर्शाया जाएगा।
नौसेना की मार्चिंग टुकड़ी
इस नौसैनिक दल का नेतृत्व लेफ्टिनेंट करण नाग्याल करेंगे। यह टुकड़ी देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से चयनित युवा नौसैनिकों का प्रतिनिधित्व करती है, जो ‘मिनी इंडिया’ की भावना को दर्शाती है। दल में शामिल जवानों की औसत आयु लगभग 25 वर्ष है और सभी कर्मियों को परेड के लिए दो महीने से अधिक का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।
झांकी का विषय और संदेश
इस वर्ष भारतीय नौसेना की झांकी का विषय “मजबूत राष्ट्र के लिए मजबूत नौसेना” है। झांकी भारत की समुद्री विरासत, आत्मनिर्भरता और आधुनिक तकनीक पर आधारित सशक्त नौसेना की झलक पेश करेगी।
प्राचीन विरासत से आधुनिक शक्ति तक
झांकी में पांचवीं शताब्दी ईस्वी के सिले हुए जहाज की प्रतिकृति प्रदर्शित की जाएगी, जिसे अब आईएनएसवी कौंडिन्य नाम दिया गया है। इसके साथ ही मराठा नौसेना के गुराब श्रेणी के जहाजों की झलक भी देखने को मिलेगी।
स्वदेशी प्लेटफॉर्म का प्रदर्शन
आधुनिक भारत की नौसैनिक शक्ति को दर्शाते हुए झांकी में स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत, प्रोजेक्ट 17ए के तहत निर्मित नीलगिरि श्रेणी के स्टील्थ फ्रिगेट-आईएनएस हिमगिरि और आईएनएस उदयगिरि की प्रतिकृतियां शामिल होंगी। इसके अतिरिक्त जीसैट-7आर उपग्रह को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
महिला सशक्तिकरण और वैश्विक अभियान
झांकी में नाविका सागर परिक्रमा-2 अभियान के तहत आईएनएसवी तारिणी द्वारा किए गए ऐतिहासिक विश्व परिक्रमा मार्ग का भी चित्रण किया गया है। इस अभियान का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के. और लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए. ने किया था, जो महिला सशक्तिकरण का सशक्त प्रतीक है।
बीटिंग द रिट्रीट और बैंड प्रस्तुति
29 जनवरी को आयोजित बीटिंग द रिट्रीट समारोह में 80 सदस्यीय भारतीय नौसेना बैंड विशेष प्रस्तुतियां देगा। इस बैंड में महिला अग्निवीर संगीतकारों की भागीदारी भी होगी।
वरिष्ठ अधिकारियों के विचार
वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, गणतंत्र दिवस परेड में नौसेना की भागीदारी आत्मनिर्भर भारत, समुद्री सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। कंटिन्जेंट कमांडर लेफ्टिनेंट करण नाग्याल ने कहा कि गणतंत्र दिवस परेड देश की एकता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, विविधता, सैन्य शक्ति और तकनीकी प्रगति का भव्य प्रदर्शन है।
झांकी की संकल्पना और डिजाइन
इस झांकी की संकल्पना और डिजाइन कमांडर जुबैर सिद्दीकी और लेफ्टिनेंट लेख्ष्मी के. रवि द्वारा तैयार की गई है। झांकी के साथ सी कैडेट्स कॉर्प्स के युवा कैडेट्स भी मार्च करेंगे, जिनमें बालिकाओं की भागीदारी 1980 के दशक के बाद फिर से देखने को मिलेगी।
आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक
इस अवसर पर वाइस एडमिरल प्रवीन नायर ने कहा कि गणतंत्र दिवस परेड में नौसेना की भागीदारी केवल सैन्य क्षमता का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत के संकल्प और प्रधानमंत्री के ‘समुद्र से समृद्धि’ के दृष्टिकोण से प्रेरित है।
