जम्मू- कश्मीर के उधमपुर, रियासी और कठुआ जिलों में संदिग्ध लोगों की गतिविधि की खबर मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने कई जगहों पर तलाशी अभियान शुरू किया। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि दो संदिग्ध लोगों की गतिविधि के बारे में जानकारी मिलने पर पुलिस ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के साथ मिलकर घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया।
उन्होंने कहा कि इन लोगों ने कथित तौर पर सोमवार देर रात उधमपुर के तालोट गांव में प्रकाश चंद के घर का दरवाजा खटखटाया और खाना मांगा था। अधिकारियों के अनुसार, कुछ देर तक दरवाजा खटखटाने की आवाज आती रही लेकिन घर के लोगों ने कोई जवाब नहीं दिया। जब शॉल ओढ़े संदिग्ध लोग वहां से खुबन की तरफ चले गए तो चिंतित घरवालों ने सुरक्षाबलों को इसकी सूचना दी।
उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम गांव पहुंचीं और अभियान शुरू किया। इसके अलावा, सुरक्षाबलों ने रियासी के सदिनी जंगलों तथा कठुआ के हीरानगर सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास कई गांवों में तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों के अनुसार, जिन इलाकों से हाल में ऐसी खबरें मिली हैं, वहां तलाशी अभियान जारी है।
लाल किला धमाका : विस्फोटक तलाशने वाले श्वान डॉनी को सेना प्रमुख का प्रशंसा पत्र
वर्ष 2025 में लाल किला क्षेत्र में हुए धमाके के बाद विस्फोटकों की तलाश में अहम भूमिका निभाने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के छह साल के श्वान डॉनी को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सेना प्रमुख के प्रशंसा पत्र के लिए चुना गया है। नर लैब्राडोर डॉनी को फरवरी 2022 में ‘ब्लैक कैट’ कमांडो बल की के-9 (श्वान) इकाई में शामिल किया गया था। रक्षा मंत्रालय की ओर से 14 अगस्त को जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया था कि डॉनी को इस सम्मान से अलंकृत किया जाएगा।
पिछले वर्ष 10 नवंबर को 17वीं सदी के मुगलकालीन स्मारक लाल किला के पास विस्फोट हुआ था, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। एनएसजी ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि डॉनी को 10-11 नवंबर, 2025 को लाल किला क्षेत्र में तैनात किया गया था। उसने वाहन से किए गए आईईडी (वीबीआईईडी) विस्फोट से प्रभावित घटनास्थल को विस्फोटकों से मुक्त कराने की कार्रवाई के दौरान अहम भूमिका निभायी।
इसके बाद 12 नवंबर को डॉनी ने एक ऐसे वाहन की भी तलाशी ली, जिस पर लाल किला विस्फोट से जुड़े विस्फोटक ले जाए जाने का संदेह था। एनएसजी के अनुसार, यह वाहन हरियाणा के फरीदाबाद स्थित खंदावली में खड़ा था, जहां डॉनी ने एक बार फिर विस्फोटकों की मौजूदगी की पुष्टि की। एनएसजी ने कहा कि डॉनी को ‘‘असाधारण तकनीकी दक्षता, विश्वसनीयता और अभियान में प्रदर्शन’’ के लिए सम्मानित किया गया है।
