विदेश मंत्रालय ने कहा है कि बुधवार को नेपाल में आई अचानक बाढ़ की त्रासदी के बाद अब तक 108 भारतीय नागरिकों को बचाया जा चुका है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बताया कि पहले संपर्क से बाहर रहे लगभग 50 भारतीय नागरिकों से दोबारा संपर्क स्थापित किया गया है। मंत्रालय ने बताया कि 275 भारतीय नागरिक लापता हैं और अन्य राष्ट्रीयताओं वाले भारतीय मूल के लगभग 128 लोग भी लापता हैं।
स्थानीय सरकार के एक सूत्र के अनुसार, पिछले दो दिनों में 598 भारतीय नागरिक चीन से नेपाल में दाखिल हुए हैं। वहीं, चीन से अभी तक रवाना न हुए 900 भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं और बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास उनसे सीधे या स्थानीय सरकार के माध्यम से संपर्क में है।
मंत्रालय ने आगे कहा कि भारत सरकार बाढ़ से प्रभावित लोगों के शीघ्र बचाव और राहत कार्यों के लिए नेपाली और चीनी अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही है। विदेश मंत्रालय में चौबीसों घंटे चलने वाला एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है और काठमांडू और बीजिंग स्थित भारतीय दूतावासों में चौबीसों घंटे हेल्पलाइन सेवाएं चालू हैं।
इसमें कहा गया है कि दोनों दूतावास खोज, बचाव और राहत प्रयासों के प्रभावी समन्वय को सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित हितधारकों के साथ लगातार संपर्क में हैं। भारत सरकार ने नेपाल के खोज और बचाव प्रयासों में सहयोग के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की पेशकश की है और साथ ही भारतीय वायु सेना के विमानों द्वारा आपातकालीन राहत सामग्री लेकर नेपाल को तत्काल मानवीय सहायता भी भेजी है।
इसी बीच, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बताया कि कल काठमांडू के लिए चौथी बार एक सी130जे हरक्यूलिस विमान भेजा गया, जिसमें 11 टन सहायता सामग्री थी। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में डॉ. जयशंकर ने कहा कि इस विमान में भारतीय सेना की 13 सदस्यीय सुरंग बचाव दल है, जिसमें विशेष उपकरण भी शामिल हैं। ये उपकरण रेकी टीम के जमीनी आकलन के आधार पर तैयार किए गए हैं और नेपाली आपदा राहत टीमों के चल रहे खोज और बचाव कार्यों में सहायता करेंगे। इसके अतिरिक्त, शवों की पहचान के लिए डीएनए नमूनों के विश्लेषण में सहायता के लिए छह फोरेंसिक टीमों के 19 सदस्यीय दल को भी भेजा जा रहा है।
अब तक आवश्यक दवाओं, पोर्टेबल जनरेटर सेट, खाद्य पैकेट, जल शोधन टैबलेट और तकनीकी उपकरणों सहित कुल 68.5 टन राहत सामग्री हवाई मार्ग से काठमांडू भेजी जा चुकी है। मंत्री जी ने बताया कि इसके अतिरिक्त, 230 फीट लंबे सिंगल लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के लिए उपकरण ले जा रहे 16 ट्रक नेपाल पहुंच चुके हैं। साथ ही, सात और बेली ब्रिज की स्थापना के लिए उपकरण जल्द ही उपलब्ध कराए जाएंगे और उनकी स्थापना के लिए तकनीकी टीमें भी शीघ्र ही पहुंचने की उम्मीद है।
