केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने आज नई दिल्ली में नजफगढ़ स्थित ग्रामीण स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र (आरएचटीसी) की प्रगति का आकलन करने के लिए एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान, श्री नड्डा ने केंद्र में रोगी देखभाल, बुनियादी ढांचे, मानव संसाधन, शैक्षणिक गतिविधियों और डिजिटल स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई पहलों के कार्यान्वयन की समीक्षा की। केंद्रीय मंत्री ने सभी संबंधित एजेंसियों और संस्थानों को निर्देश दिया कि वे चल रहे कार्यों को समय पर पूरा करें और नियोजित हस्तक्षेपों का समन्वित कार्यान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने परिणामों की कड़ी निगरानी, मानव संसाधन और उपकरणों की समय पर उपलब्धता और गुणवत्तापूर्ण रोगी देखभाल एवं चिकित्सा प्रशिक्षण पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया। केंद्र की ओपीडी और आपातकालीन सेवाएं, रेबीज रोधी टीकाकरण केंद्र, सर्प विष रोधी केंद्र और अन्य सहायक सुविधाओं के साथ पूरी तरह से कार्यरत हैं। समीक्षा के दौरान, श्री नड्डा ने पाया कि आरएचटीसी नजफगढ़ ने अपने नैदानिक मानव संसाधन और सेवाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण प्रगति की है। उन्होंने आगे इस बात पर जोर दिया कि आरएचटीसी नजफगढ़ को रोगी देखभाल, चिकित्सा शिक्षा, नर्सिंग और संबद्ध स्वास्थ्य प्रशिक्षण तथा समुदाय-उन्मुख स्वास्थ्य सेवा के लिए एक व्यापक केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए समन्वित और समयबद्ध कार्रवाई करना महत्वपूर्ण है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, आरएचटीसी में औसतन प्रति माह लगभग 47 हजार ओपीडी परामर्श और 9 हजार आपातकालीन मामलों की उपस्थिति दर्ज की गई, इसके अलावा इस वर्ष अगस्त में 221 छोटी प्रक्रियाएं भी की गईं। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत टीबी के लक्षणों की जांच को भी नियमित ओपीडी और पीएचसी परामर्श में शामिल किया गया है। बैठक के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव भी उपस्थित थीं।
