महाराष्ट्र की फिल्म संस्कृति की आधारशिला, थर्ड आई एशियन फिल्म फेस्टिवल का 21वां संस्करण 10 जनवरी 2025 को शुरू हुआ था और कल मुंबई के मूवी मैक्स सिनेमा में संपन्न हुआ। अंधेरी, सायन और ठाणे के मूवीमैक्स थिएटर में आयोजित इस साल के फेस्टिवल में मुंबई और ठाणे के सिनेप्रेमियों के लिए एशिया भर की 61 प्रभावशाली फिल्में दिखाई गईं। इसमें चीन, मलेशिया, बांग्लादेश, कजाकिस्तान, ट्यूनीशिया और भूटान जैसे देशों की फिल्में शामिल हैं। प्रसिद्ध गीतकार और पटकथा लेखक जावेद अख्तर को एशियाई सिनेमा संस्कृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सत्यजीत राय मेमोरियल पुरस्कार वरिष्ठ फिल्म पत्रकार रफीक बगदादी को दिया गया, जबकि राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता लेखक प्रोफेसर अनिल झंकार को सुधीर नंदगांवकर की स्मृति में फिल्म लेखन के लिए विशेष पुरस्कार दिया गया।
मराठी फिल्म श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार फिल्म ‘जिप्सी‘ को मिला, जबकि इसी फिल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार शशि खंडारे को मिला। अभिनेता मंगेश अरोटे को ‘जिप्सी‘ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला, जबकि श्रद्धा खानोलकर को फिल्म ‘भेरा‘ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला। फिल्म ‘छबीला‘ के निर्देशक अनिल भालेराव और फिल्म ‘सिनेमैन‘ के अभिनेता पृथ्वीराज चव्हाण को विशेष जूरी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। भारतीय सिनेमा श्रेणी में, इस महोत्सव में फिल्म ‘जुईफूल‘ को सर्वश्रेष्ठ फिल्म के रूप में चुना गया। सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार फिल्म ‘बीलाइन‘ के लिए समिक रॉय चौधरी और फिल्म ‘जुईफूल‘ के लिए जदुमोनी दत्ता को मिला। सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार फिल्म जुंजारपुर के गौरव आम्ब्रे को दिया गया, और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार फिल्म द बर्ड ऑफ ए डिफरेंट फेदर के लिए जयश्री को दिया गया। पूर्व सांसद डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे, महोत्सव अध्यक्ष किरण शांताराम और पत्रकार सुनील नांदगांवकर ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए।
