भारतीय फिल्म उद्योग की 111वीं वर्षगांठ बांग्लादेश में भारतीय संस्कृति केंद्र, ढाका में ‘भारतीय सिनेमा की यात्रा’ विषय पर एक समृद्ध और जानकारीपूर्ण प्रदर्शनी के उद्घाटन के साथ मनाई गई। बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने ढाका में भारतीय उच्चायोग के इंदिरा गांधी सांस्कृतिक केंद्र द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर बोलते हुए उच्चायुक्त ने कहा कि भारतीय फिल्म उद्योग की शुरुआत 21 मई, 1913 को मूक फिल्म “राजा हरिश्चंद्र” की रिलीज के साथ मानी जाती है, जो 2025 को 111वां वर्ष होगा। वर्मा ने कहा कि यह वर्षगांठ भारतीय सिनेमा की समृद्ध विरासत और विकास को पहचानने का समय है, जिसमें इसके विविध क्षेत्रीय फिल्म उद्योग, प्रतिष्ठित अभिनेता, निर्देशक और यादगार फिल्में शामिल हैं।
उच्चायुक्त ने मनोरंजन उद्योग से जुड़े बांग्लादेश के लोगों से आगामी 1-4 मई 2025 तक मुंबई में आयोजित होने वाले वेव्स-विश्व ऑडियो विजुअल एवं मनोरंजन शिखर सम्मेलन में भाग लेने का भी आह्वान किया।
इस अवसर पर भारतीय सिनेमा के विकास और इसके विभिन्न चरणों और मील के पत्थरों में विभिन्न दिग्गज फिल्मी हस्तियों के योगदान को याद करने के लिए एक चर्चा आयोजित की गई।
इस अवसर पर, कार्यक्रम स्थल पर प्रशंसित वृत्तचित्र फिल्म ‘द एलीफेंट व्हिस्परर्स’ की स्क्रीनिंग की गई। यह वृत्तचित्र एक दंपत्ति और एक अनाथ हाथी, रघु, जिसे उनकी देखभाल के लिए सौंपा गया था, के बीच विकसित होने वाले बंधन के बारे में है। इस अवसर पर कई फिल्मी हस्तियाँ, कला प्रेमी और फिल्म निर्माण संस्थानों के छात्र मौजूद थे।
