कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने आज नई दिल्ली में वाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी की 12वीं किस्त का शुभारंभ किया। श्री रेड्डी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत के कोयला क्षेत्र ने चालू वित्त वर्ष में एक अरब टन कोयला उत्पादन को पार करते हुए ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। मंत्री ने कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर पाँचवाँ सबसे बड़ा भूगर्भीय कोयला भंडार रखता है और दूसरा सबसे बड़ा कोयला उत्पादक और उपभोक्ता भी है। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र की भागीदारी और नई प्रौद्योगिकी अपनाने ने इस क्षेत्र को पूरी तरह बदल दिया है। श्री रेड्डी ने बताया कि 11वें दौर तक कुल 125 कोयला खदानों की सफलतापूर्वक नीलामी की गई, जिससे 40 हज़ार करोड़ से अधिक निवेश आकर्षित होने और 4 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि देश की 72 प्रतिशत बिजली इसी क्षेत्र से पैदा होती है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि कोयला क्षेत्र भारत की शुद्ध-शून्य जलवायु प्रतिबद्धताओं का भी समर्थन करता है, जहाँ उत्पादन और स्थिरता साथ-साथ चलते हैं। उन्होंने सभी निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों से तेजी से खनन कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया और सरकार से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
12वें दौर के तहत कुल 25 कोयला खदानों की पेशकश की जा रही है। पेश की गई खदानों में से 13 कोयला खदानें पूरी तरह से खोजी जा चुकी हैं, जबकि 12 आंशिक रूप से खोजी जा चुकी हैं, जो तत्काल और भविष्य के विकास दोनों के लिए अवसर प्रदान करती हैं। वाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी के 12वें चरण का उद्देश्य घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों से महत्वपूर्ण रुचि आकर्षित करना है, जो ऊर्जा और औद्योगिक विकास में आत्मनिर्भरता के लिए भारत की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।
