नई दिल्ली। दिल्ली के लोक निर्माण विभाग के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने कहा कि सरकार जलशोधन की अत्याधुनिक व्यवस्था के माध्यम से यमुना को स्वच्छ बनाने और दिल्ली की नालियों को सीवर मुक्त करने की दिशा में ठोस और निर्णायक कदम उठा रही हैं। इस क्रम में बुधवार को मंत्री ने ओखला के सिंगल स्टेज वेस्ट वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूडब्ल्यूटीपी) का निरीक्षण किया।
मंत्री ने बताया कि यह 564 एमएलडी क्षमता वाला जल संयंत्र अत्याधुनिक तकनीकों और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार जल शुद्धिकरण कर रहा है। यह संयंत्र केंद्र सरकार के सहयोग से तैयार किया गया है और दिल्ली में लगभग 40 लाख की आबादी को लाभ पहुंचा रहा है। वर्तमान में ट्रीटेड जल को पुरानी आगरा नहर में छोड़ा जा रहा है, जबकि जल्द ही यह जल अबुल फजल ड्रेन के माध्यम से ओखला बैराज के डाउनस्ट्रीम में यमुना नदी में छोड़ा जाएगा। इसके लिए कार्य प्रगति पर है। यह प्लांट ओखला में लगभग 30 एमजीडी (मिलियन गैलन प्रति दिन) अतिरिक्त ट्रीटमेंट क्षमता जोड़ता है। बरापुला ड्रेन और महारानी बाग ड्रेन से आने वाले लगभग 35 एमजीडी सीवेज को अब इस संयंत्र में साफ कर यमुना में छोड़ा जाएगा।
मंत्री ने कहा कि राजधानी को एक स्वच्छ, सतत और जिम्मेदार शहर के रूप में विकसित किया जाए। यह पहल ‘विकसित भारत’ के निर्माण में एक अहम योगदान है, जो न सिर्फ जल प्रबंधन को सशक्त बना रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के दृष्टिकोण को भी मजबूत कर रही है।
