प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले दशक में भारत के शहद उद्योग की परिवर्तनकारी यात्रा पर जोर दिया है।
रविवार को आकाशवाणी पर अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात के नवीनतम संस्करण में श्री मोदी ने देश में शहद उत्पादन में 60 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि की बात कही।
उन्होंने विश्व मधुमक्खी दिवस और शहद मिशन के बारे में भी बात की तथा मधुमक्खी पालन में सफलता की कहानी के रूप में छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले का उदाहरण दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत ने मधुमक्खी पालन के क्षेत्र में एक क्रांति देखी है, जिससे शहद उत्पादन और ग्रामीण आजीविका में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
आकाशवाणी संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में आदिवासी किसान सोनाहनी नामक शुद्ध जैविक शहद बना रहे हैं।
कोरिया जिले के कलेक्टर चंदन त्रिपाठी ने बताया कि जिला खनिज निधि से सोनहत के जंगलों में सोनहानी परियोजना शुरू की गई है।
इसके लिए दस किसानों को चिन्हित कर उन्हें प्रशिक्षण के लिए कुरुक्षेत्र भेजा गया है।उन्होंने बताया कि इस शहद को बनाने में केवल जंगली फूलों का ही उपयोग किया जाता है।
कोरिया जिले का सोनहानी इस बात का प्रमाण है जो प्रधानमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम में कहा था कि स्थानीय स्तर पर उत्पादित शहद की हर बूंद न केवल स्वाद से भरपूर है, बल्कि भारत की मेहनत और उम्मीदों से भी भरी है।
शहद की मिठास ही आत्मनिर्भर भारत का स्वाद है।
