विदेश मंत्रालय ने आज कहा कि यमन में निमिषा प्रिया का मामला एक संवेदनशील मामला है और भारत सरकार इस मामले में हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। आज दोपहर नई दिल्ली में मीडिया को संबोधित करते हुए मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने कानूनी सहायता प्रदान की है और परिवार की सहायता के लिए एक वकील नियुक्त किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने नियमित रूप से कांसुलर यात्राओं की भी व्यवस्था की है और मुद्दे को सुलझाने के लिए स्थानीय अधिकारियों और परिवार के सदस्यों के साथ लगातार संपर्क में है। इसमें हाल के दिनों में निमिषा प्रिया के परिवार को दूसरे पक्ष के साथ पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान तक पहुँचने के लिए और समय मांगने के ठोस प्रयास शामिल थे। प्रवक्ता ने कहा कि यमन में स्थानीय अधिकारियों ने इस महीने की 16 तारीख को निर्धारित उसकी सजा की तामील को स्थगित कर दिया है। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली मामले पर बारीकी से नज़र रख रही है और हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि वे कुछ मित्र सरकारों के संपर्क में भी हैं।
ब्रिटेन-भारत मुक्त व्यापार समझौते पर एक प्रश्न के उत्तर में, प्रवक्ता ने कहा कि बातचीत अच्छी तरह आगे बढ़ रही है और अगले दौर की वार्ता फरवरी में दिल्ली में होनी है। उन्होंने आगे कहा कि दोनों पक्षों के नेता चाहते हैं कि यह मुक्त व्यापार समझौता इसी वर्ष संपन्न हो जाए।
नाटो महासचिव मार्क रूट के बयान पर प्रवक्ता ने कहा कि भारत घटनाक्रम पर बारीकी से नज़र रख रहा है। उन्होंने दोहराया कि लोगों की ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करना भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकार बाज़ार में उपलब्ध चीज़ों और मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के अनुसार काम करती है। उन्होंने इस मुद्दे पर किसी भी दोहरे मापदंड के प्रति आगाह किया।
अमेरिका से निर्वासन के बारे में, श्री जायसवाल ने कहा कि अब तक कुल 1563 भारतीयों को अमेरिका से निर्वासित किया जा चुका है। यह आँकड़ा 20 जनवरी से 15 जुलाई तक का है। प्रवक्ता ने बताया कि ज़्यादातर लोग व्यावसायिक उड़ानों से आए हैं।
रूस में लापता 16 भारतीयों के बारे में श्री जायसवाल ने कहा कि भारत नई दिल्ली और मॉस्को दोनों स्थानों पर रूसी अधिकारियों के साथ नियमित संपर्क में है।
सीरिया में इज़राइली हवाई हमलों पर भारत के रुख़ के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में प्रवक्ता ने कहा, “नई दिल्ली सीरिया के घटनाक्रम पर कड़ी नज़र रखे हुए है। भारत चाहता है कि देश में जल्द से जल्द शांति और स्थिरता लौट आए।”
