प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मालदीव से लौटने के बाद कल रात तमिलनाडु के थूथुकुडी में 4,800 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पित किया। ये परियोजनाएँ क्षेत्रीय संपर्क को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएँगी, रसद दक्षता को बढ़ावा देंगी, स्वच्छ ऊर्जा अवसंरचना को मज़बूत करेंगी और पूरे तमिलनाडु के नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाएँगी। ये पहल हवाई अड्डों, राजमार्गों, बंदरगाहों, रेलवे और बिजली क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति सहित प्रमुख क्षेत्रों में फैली हुई हैं।
उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने अपनी विदेश यात्रा के दौरान भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच हुए ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर प्रकाश डाला। इस प्रगति को भारत में बढ़ते वैश्विक विश्वास और राष्ट्र के नए आत्मविश्वास का प्रतीक बताते हुए, श्री मोदी ने कहा कि यह आत्मविश्वास एक विकसित भारत और एक विकसित तमिलनाडु के निर्माण को गति देगा। उन्होंने कहा कि यह मुक्त व्यापार समझौता भारत की अर्थव्यवस्था को मज़बूत करेगा और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में देश की यात्रा को गति देगा।
श्री मोदी ने कहा कि बुनियादी ढाँचा और ऊर्जा किसी भी राज्य के विकास की रीढ़ होते हैं और पिछले ग्यारह वर्षों में इन क्षेत्रों पर निरंतर ध्यान तमिलनाडु की प्रगति को दी गई प्राथमिकता को दर्शाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उद्घाटन की गई परियोजनाएँ थूथुकुडी और तमिलनाडु को बेहतर कनेक्टिविटी, स्वच्छ ऊर्जा और नए अवसरों के केंद्र में बदल देंगी।
प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु और थूथुकुडी की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को श्रद्धांजलि अर्पित की और एक समृद्ध एवं सशक्त भारत के निर्माण में इस क्षेत्र के निरंतर योगदान को स्वीकार किया। उन्होंने वीरपांडिया कट्टाबोम्मन, अलगु मुथु कोन और स्वतंत्रता सेनानी वी.ओ. चिदंबरम पिल्लई जैसी महान हस्तियों को सम्मानित किया।
थूथुकुडी के निकट राष्ट्रकवि सुब्रमण्यम भारती की जन्मस्थली को याद करते हुए, श्री मोदी ने थूथुकुडी और अपने निर्वाचन क्षेत्र काशी के बीच गहरे भावनात्मक बंधन पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि काशी-तमिल संगमम जैसी सांस्कृतिक पहल भारत की साझी विरासत और एकता को मज़बूत करती रहती हैं।
तमिलनाडु के बुनियादी ढाँचे के आधुनिकीकरण के माध्यम से राज्य की पूरी क्षमता का दोहन करने के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए, श्री मोदी ने कहा कि उन्नत तकनीकों के साथ बंदरगाह सुविधाओं को उन्नत करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य भर में निर्बाध संपर्क बढ़ाने के लिए हवाई अड्डों, राजमार्गों और रेलवे को एकीकृत करने के प्रयास भी चल रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि थूथुकुडी हवाई अड्डे पर नए उन्नत टर्मिनल का उद्घाटन इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। 450 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह टर्मिनल अब सालाना 20 लाख से ज़्यादा यात्रियों की क्षमता रखता है, जबकि पहले इसकी क्षमता केवल 3 लाख यात्रियों की थी। प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु में 2,500 करोड़ रुपये की लागत से विकसित दो प्रमुख सड़क परियोजनाओं को जनता को समर्पित करने की भी घोषणा की।
प्रधानमंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि केंद्र सरकार रेलवे नेटवर्क को औद्योगिक विकास और आत्मनिर्भर भारत की जीवन रेखा मानती है। श्री मोदी ने कहा कि तमिलनाडु में नई समर्पित रेल परियोजनाओं से राज्य के दक्षिणी क्षेत्र के लाखों लोगों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि मदुरै-बोदिनायक्कनूर रेलवे लाइन के विद्युतीकरण के साथ, अब इस क्षेत्र में वंदे भारत जैसी उन्नत ट्रेनों के संचालन का रास्ता खुल गया है।
श्री मोदी ने राज्य में 2,000 मेगावाट की कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा परियोजना से जुड़ी एक प्रमुख पारेषण परियोजना की भी आधारशिला रखी। 550 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से निर्मित इस प्रणाली से आने वाले वर्षों में स्वच्छ ऊर्जा की आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि पिछले एक दशक में, केंद्र सरकार ने तमिलनाडु को 3 लाख करोड़ रुपये हस्तांतरित किए हैं। उन्होंने कहा कि यह पिछली सरकार द्वारा वितरित राशि से तीन गुना से भी अधिक है। श्री मोदी ने आगे कहा कि इन ग्यारह वर्षों में, तमिलनाडु को ग्यारह नए मेडिकल कॉलेज मिले हैं।
तमिलनाडु में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना की तीव्र प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए, श्री मोदी ने कहा कि सरकार को इस योजना के तहत लगभग एक लाख आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि अब तक चालीस हज़ार से ज़्यादा सौर छतों की स्थापना पूरी हो चुकी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह योजना न केवल मुफ़्त और स्वच्छ बिजली प्रदान करती है, बल्कि हज़ारों हरित रोज़गार भी पैदा करती है।
इस बात पर प्रकाश डालते हुए कि सरकार मेक इन इंडिया और मिशन मैन्युफैक्चरिंग पर ज़ोर दे रही है, प्रधानमंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मेक इन इंडिया की ताकत साफ़ तौर पर प्रदर्शित हुई। उन्होंने कहा कि घरेलू हथियारों ने आतंकवादियों के गढ़ों को बेअसर करने में अहम भूमिका निभाई है। श्री मोदी ने ज़ोर देकर कहा कि भारत में बने हथियार आतंकवाद के आकाओं के हौसले पस्त कर रहे हैं।
