रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने आज कहा कि लगभग 17 हजार लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) अब रक्षा क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। वायु सेना और सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (एसआईडीएम) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित स्वदेशीकरण विषय पर आधारित ‘संकल्प’ कार्यशाला के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री ने यह बात कही। संकल्प का अर्थ है आत्मनिर्भरता, स्व-विकास और ज्ञान आधारित साझेदारी।
इस अवसर पर मंत्री जी ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि सरकार का एकमात्र उद्देश्य अब संपूर्ण रक्षा क्षेत्र को स्वदेशी और आत्मनिर्भर बनाना है। मंत्री जी ने यह भी रेखांकित किया कि वायुसेना, एसआईडीएम, उद्योग जगत और स्टार्टअप समुदाय 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।
सेमिनार में श्री सेठ ने कहा कि स्वदेशीकरण का उद्देश्य एक मजबूत रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है जहां नवाचार अग्रणी भूमिका निभाता है और विचारों को उपयोगी उत्पादों में परिवर्तित किया जाता है जो रक्षा क्षमताओं को और मजबूत करते हैं।
इस कार्यक्रम के दौरान, वायु सेना प्रमुख मार्शल एपी सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में श्री सेठ ने ‘संकल्प 2026: भारतीय वायु सेना की समस्याएँ’ नामक पुस्तक का विमोचन भी किया। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इस कार्यक्रम ने भारतीय वायु सेना और स्वदेशीकरण प्राथमिकताओं, रखरखाव आवश्यकताओं और तकनीकी प्रगति पर विचार-विमर्श के लिए एक मंच प्रदान किया।
