वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि नवाचार, उन्नत प्रौद्योगिकियां, स्टार्टअप, लघु एवं मध्यम उद्यम और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी विनिर्माण भारत के आर्थिक विकास के अगले चरण को गति प्रदान करेंगे और 2047 तक एक विकसित भारत के सपने को साकार करने में सहायक होंगे। नई दिल्ली में 22वें जेआरडी टाटा मेमोरियल लेक्चर को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि देश को उत्कृष्टता के लिए प्रयास करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ‘मेड इन इंडिया’ उत्पाद गुणवत्ता, नवाचार और प्रतिस्पर्धा के माध्यम से वैश्विक स्तर पर सम्मान अर्जित करें।
मंत्री जी ने नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कई पहलों पर प्रकाश डाला, जिनमें एक लाख करोड़ रुपये का अनुसंधान, विकास और नवाचार कोष, इंडियाएआई मिशन और द्वितीय सेमीकंडक्टर मिशन शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन पहलों से देश का नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र और मजबूत होगा और उभरती प्रौद्योगिकियों के विकास में तेजी आएगी।
श्री गोयल ने कहा कि सरकार अनुपालन का बोझ कम करके, पुराने कानूनों को अपराध की श्रेणी से हटाकर और व्यापार करने में आसानी बढ़ाकर एक अनुकूल कारोबारी माहौल बना रही है। उन्होंने आगे कहा कि कौशल विकास को उद्योग जगत द्वारा संचालित आंदोलन बनना चाहिए, जिसे सरकार एक सहायक पारिस्थितिकी तंत्र के माध्यम से समर्थन दे। मंत्री ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है।
उद्योग जगत से अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास में अधिक निवेश करने का आह्वान करते हुए, श्री गोयल ने उद्यमियों और निवेशकों से आग्रह किया कि वे स्वदेशी डीप-टेक स्टार्टअप्स को प्रारंभिक चरण में समर्थन दें और उन्हें नवाचार से व्यावसायीकरण और वैश्विक स्तर तक पहुंचने में मदद करें।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने जेआरडी टाटा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उत्कृष्टता, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के प्रति उनका दृष्टिकोण भारतीय उद्योग को लगातार प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये मूल्य 2047 तक एक विकसित भारत के सपने को साकार करने में सहायक होंगे।
