रक्षा बंधन की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सभी को शुभकामनाएं दी हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि रक्षा बंधन का त्योहार प्राचीन काल से ही देश की संस्कृति और परंपरा का अभिन्न अंग रहा है। उन्होंने कहा कि श्रद्धापूर्वक कलाई पर बांधी जाने वाली राखी को सुरक्षा का पवित्र बंधन माना जाता है, जिसे रक्षा बंधन के नाम से जाना जाता है।
राष्ट्रपति ने कहा कि अनेक श्लोकों और मंत्रों में ‘रक्षे, मां चला, मां चला’ का उल्लेख मिलता है, जो इस बात की प्रार्थना व्यक्त करता है कि रक्षा का यह बंधन सदा बना रहे। राष्ट्रपति मुर्मू ने प्रत्येक नागरिक से परिवारों और समुदायों के बीच संबंधों को मजबूत करने का संकल्प लेने का आग्रह किया और इसी भावना के साथ एक विकसित भारत की ओर अग्रसर होने का आह्वान किया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी रक्षा बंधन की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। अपने संदेश में श्री बिरला ने कहा कि यह त्योहार भाई-बहनों के बीच आपसी प्रेम, स्नेह और विश्वास का उत्सव है। उन्होंने कहा कि यह त्योहार भारत की समृद्ध संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और स्नेह एवं अपनेपन के अटूट बंधन का प्रतीक है।
